दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की डकैती के आरोपी की अंतरिम जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने डकैती के आरोप में बंद बिजनौर के रिजवान इकबाल को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा, लॉकडाउन की स्थिति में रिजवान को उसके पैतृक स्थान ले जाने के  लिए प्रबंध करना कठिन होगा। 


दरअसल याचिकाकर्ता ने याचिका दाखिल कर कहा था उसे एक महीने की अंतरिम जमानत दी जाए, ताकि वह अपने पिता का कारोबार देख सके। बिजनौर में रहने वाले उसके पिता फल कारोबारी हैं। वह अस्थमा के मरीज हैं और कोरोना संदिग्ध होने के चलते उन्हें क्वारंटीन किया हुआ है। वह ऑक्सीजन सिलिंडर पर है। ऐसे में परिवार के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत ने कहा कि कोविड-19 के चलते इस समय सारा देश लॉकडाउन है। अगर रिजवान को अंतरिम जमानत पर छोड़ भी दिया जाता है तो वह अपने पिता से नहीं मिल पाएगा क्योंकि आरोपी के परिजन दिल्ली से करीब 180 किमी दूर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रहते हैं। 

अगर उसे जमानत पर रिहा कर भी दिया जाता है तो यहां से बिजनौर तक उसकी यात्रा का प्रबंध करना कठिन होगा। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को जमानत देने का कोई आधार नहीं है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है। आरोपी 2017 से जेल में है।